पांगी में दो साल से वेतन को तरसे वन विभाग के 56 दैनिक वेतन भोगी, वन कार्यालय तक निकाली अक्रोश रैली
पांगी (चंबा): जनजातीय क्षेत्र पांगी में वन विभाग की 16 नर्सरियों में कार्यरत करीब 56 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। पिछले वर्ष 2023 और 2025 का बकाया वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय किलाड़ से लेकर वन विभाग के कार्यालय तक अक्रोश रैली निकालकर अपना रोष प्रकट किया। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा जल्द बकाया वेतन जारी करने की मांग उठाई।
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से वन विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन लंबे समय से वेतन का भुगतान न होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारियों के परिवारों का भरण-पोषण प्रभावित हो रहा है। बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। कई कर्मचारी कर्ज लेकर अपने परिवारों का पालन-पोषण करने को मजबूर हैं।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभाग और सरकार को कई बार अपनी समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि दुर्गम जनजातीय क्षेत्र पांगी में सीमित रोजगार के अवसर हैं और ऐसे में वेतन न मिलना उनके लिए दोहरी मार साबित हो रहा है।
अक्रोश रैली के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द उनके बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर धरना-प्रदर्शन और क्रमिक भूख हड़ताल जैसे कदम भी उठाए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
उधर, वन मंडल अधिकारी पांगी रवि गुलेरिया ने बताया कि कर्मचारियों की समस्या को गंभीरता से लिया गया है। इस संबंध में प्रदेश के उच्च अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी मांगों से सरकार को अवगत करा दिया गया है और विभाग की ओर से बकाया वेतन के भुगतान के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही कर्मचारियों की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।