Himachal Health Alert || हिमाचल में बनी दवाओं के सैंपल फेल होने पर अब कंपनियों की खैर नहीं! सुक्खू सरकार ने चलाया तगड़ा डंडा, देखें रिपोर्ट

Himachal Health Alert || हिमाचल प्रदेश में दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
Himachal Health Alert ||  हिमाचल में बनी दवाओं के सैंपल फेल होने पर अब कंपनियों की खैर नहीं! सुक्खू सरकार ने चलाया तगड़ा डंडा, देखें रिपोर्ट
Himachal Health Alert || हिमाचल में बनी दवाओं के सैंपल फेल होने पर अब कंपनियों की खैर नहीं! सुक्खू सरकार ने चलाया तगड़ा डंडा, देखें रिपोर्ट
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Himachal Health Alert: हिमाचल प्रदेश में दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। केंद्रीय दवा नियंत्रण संगठन (CDSCO) के दिसंबर के ड्रग अलर्ट में प्रदेश में बनीं 40 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं। ये सैंपल 25 दवा फार्मा के हैं।  हिमाचल में 40 दवाओं के सैंपल फेल, देशभर में सबसे ज्यादा बार-बार सैंपल फेल होने पर कंपनियों का लाइसेंस रद्द दवाओं की खरीद के लिए अब स्पेशल बोर्ड ऑफ ऑफिसर की स्वीकृति स्वास्थ्य विभाग में 2,000 पद भरे जाएंगे डॉक्टरों का एनपीए रोका गया

इसमें उच्च रक्तचाप, मिर्गी, संक्रमण, एपिलेप्सी, विटामिन, दर्द व सूजन, बवासीर, बुखार, खांसी, कब्ज, अवसाद, शुगर, फंगस, पेट के कीड़े, टीबी और इंसुलिन की दवाएं शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि बार-बार दवाओं के सैंपल फेल होने से हिमाचल की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और सैंपल फेल होने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शांडिल ने बताया कि बार-बार सैंपल फेल होने वाली कंपनियों को लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। वहीं, इन्हें दवाओं का उत्पाद न किए जाने को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं।

शांडिल ने कहां की हिमाचल प्रदेश के बद्दी फार्मा क्षेत्र की कुछ कंपनियों के दवाइयां के सैंपल फेल हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कंपनियों को नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस पर विभाग तफ़्तीश कर कार्रवाई करेगा। शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश दवाइयों का निर्यात करता है। ऐसे में इस तरह की घटनाओं से प्रदेश और प्रदेश के फार्मा उद्योग पर बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों की दवाइयों के सैंपल फेल हुए है उनको ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले भी विभाग की ओर से सैंपल फेल होने पर लाइसेंस रद्द करने के कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी दवाइयों की जांच होगी। यदि कोई भी कमी पाई जाती है या कंपनी सभी मानकों को पूरा नहीं करती है तो उसे भी तुरंत प्रभाव से ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार अस्पतालों के लिए सप्लाई होने वाली दवाइयों की गुणवत्ता भी सुनिश्चित करेगी। डॉक्टरों के एनपीए को लेकर प्रदेश के सरकारी चिकित्सालय में डॉक्टर के चल रहे विरोध पर स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि चिकित्सकों को दिए जाने वाले एनपीए को बंद नहीं किया गया है बल्कि इस पर कुछ समय की रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए और प्राकृतिक आपदा के चलते एनपीए रोका गया है।