Chamba Pangi Snowfall: पांगी घाटी में कुदरत का सफेद तांडव, मुख्यालय किलाड़ में 8 इंच और ऊपरी इलाकों में 1 फीट बर्फबारी

Chamba Pangi Snowfall: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र पांगी में वीरवार रात से जारी भारी बर्फबारी ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। मुख्यालय किलाड़ में 8 इंच और ऊपरी गांवों में 1 फीट तक ताजा हिमपात दर्ज किया गया है। भारी बर्फबारी के चलते बीआरओ और लोक निर्माण विभाग की 15 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि 35 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से घाटी अंधेरे में डूब गई है। प्रशासन ने पूरी घाटी में ऑरेंज अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
Chamba Pangi Snowfall: पांगी घाटी में कुदरत का सफेद तांडव, मुख्यालय किलाड़ में 8 इंच और ऊपरी इलाकों में 1 फीट बर्फबारी
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Chamba Pangi Snowfall: पांगी:  चंबा जिले का जनजातीय क्षेत्र पांगी इस समय भारी बर्फबारी और कड़ाके की शीतलहर की चपेट में है। वीरवार रात से शुरू हुआ हिमपात का दौर शुक्रवार शाम तक लगातार जारी रहा।  जिसने पूरी घाटी को सफेद चादर से ढंक दिया है। इस बर्फबारी ने न केवल यातायात को प्रभावित किया है, बल्कि बिजली और संचार व्यवस्था को भी पूरी तरह से चरमरा दिया है। लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं। घाटी के मुख्यालय किलाड़ समेत मिंधल, साच, फिंडरू, फिंडपार, लूज और धरवास जैसे इलाकों में 8 इंच के करीब हिमपात दर्ज किया गया है। वहीं, घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुमार, परमार, सुराल भटौरी, चसग भटौरी, हुडान भटौरी और हिलूटवान में करीब 1 फीट तक ताजा बर्फ गिर चुकी है। इन क्षेत्रों में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे लुढ़क गया है, जिससे समूचा क्षेत्र भीषण शीतलहर की चपेट में आ गया है।

बर्फबारी के कारण लोक निर्माण विभाग की करीब 15 संपर्क सड़कें बर्फ की मोटी परत जमने के कारण यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं। इससे ग्रामीणों का मुख्यालय से संपर्क कट गया है। इसके अलावा, भारी बर्फबारी और पेड़ों के गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके चलते घाटी के 35 बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए हैं। पांगी के कई गांव पिछले 24 घंटों से अंधेरे में डूबे हुए हैं ।

एसडीएम पांगी अमनदीप सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरी घाटी में अलर्ट जारी कर दिया है। उन्होंने स्थानीय लोगों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बर्फबारी के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें। खासकर उन क्षेत्रों में जाने से बचें जहां हिमस्खलन का खतरा बना रहता है। एसडीएम ने बताया कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जैसे ही मौसम में सुधार होगा, सड़कों को बहाल करने और बिजली आपूर्ति को सुचारू करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करने को कहा गया है।