8th Pay Commission Update: सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! न्यूनतम वेतन ₹69,000 और 2 करोड़ का ब्याज मुक्त होम लोन? जानें रेलवे यूनियन का नया प्रस्ताव

8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर रेलवे कर्मचारियों ने सरकार के सामने मांगों का बड़ा पिटारा खोल दिया है। NFIR ने न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 69,000 रुपये करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.833 करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, 2 करोड़ रुपये तक का ब्याज मुक्त होम लोन और महिला कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश जैसी क्रांतिकारी मांगें रखी गई हैं। 24 अप्रैल की बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं।
8th Pay Commission Update: Railway Union NFIR Proposes Minimum Wage Hike to ₹69,000 and Interest-Free Home Loans
8th Pay Commission Update: Railway Union NFIR Proposes Minimum Wage Hike to ₹69,000 and Interest-Free Home Loans
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8th Pay Commission Update: नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी के बाद अब सरकारी कर्मचारियों की नजरें पूरी तरह से 8वें वेतन आयोग के गठन पर टिकी हैं। हालांकि सरकार ने अभी तक इसके गठन की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने अपना दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) ने एक क्रांतिकारी प्रस्ताव तैयार किया है। जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (JCM) की बैठक में NFIR के महासचिव डॉ. एम. रघुवैया ने रेलकर्मियों का पक्ष रखते हुए वेतनमान और सुविधाओं में आमूल-चूल परिवर्तन की मांग की है, जो मंजूर होने पर कर्मचारियों की जीवनशैली बदल सकता है।

लिविंग वेज मॉडल में बदलाव: अब 3 नहीं 5 यूनिट पर होगी गणना

NFIR ने वर्तमान 'लिविंग वेज' मॉडल को बदलने की पुरजोर मांग उठाई है। वर्तमान में वेतन की गणना तीन यूनिट (पति, पत्नी और एक बच्चा) के आधार पर की जाती है। यूनियन का प्रस्ताव है कि इसे बढ़ाकर पांच यूनिट किया जाए, जिसमें कर्मचारी के माता-पिता को भी शामिल किया जाए। इस नए फॉर्मूले के आधार पर न्यूनतम वेतन (Minimum Wage) को बढ़ाकर 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया है। कर्मचारियों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच वर्तमान वेतन गणना का आधार पुराना हो चुका है और इसमें सुधार की तत्काल आवश्यकता है।

फिटमेंट फैक्टर और सालाना वेतन वृद्धि पर नया प्रस्ताव

वेतन आयोग की रिपोर्ट में सबसे महत्वपूर्ण पहलू फिटमेंट फैक्टर होता है। NFIR ने बेसिक पे और पेंशन रिवीजन के लिए 3.833 का फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया है। यदि सरकार इस फिटमेंट फैक्टर को मान लेती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल आएगा। इसके अलावा, यूनियन ने सालाना वेतन वृद्धि (Annual Increment) की दर को भी 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने की मांग की है। साथ ही, पदोन्नति (Promotion) मिलने पर कर्मचारियों को मिलने वाले न्यूनतम लाभ को कम से कम 10,000 रुपये निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि करियर ग्रोथ का वास्तविक लाभ मिले।

कर्ज और भत्तों में बड़ी राहत: 2 करोड़ का ब्याज मुक्त होम लोन

रेलवे यूनियन के प्रस्ताव में सबसे आकर्षक मांग ब्याज मुक्त ऋण (Interest-Free Loans) को लेकर है। यूनियन ने मांग की है कि कर्मचारियों को घर बनाने के लिए 2 करोड़ रुपये तक का ब्याज मुक्त 'हाउस बिल्डिंग एडवांस' दिया जाए। इसके अलावा, कार खरीदने के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण की भी मांग रखी गई है। भत्तों की बात करें तो शहरों की श्रेणी (X, Y, Z) के आधार पर हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को बढ़ाकर 30, 35 और 40 प्रतिशत करने का सुझाव है। ये मांगें कर्मचारियों को वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाने और उनके जीवन स्तर को सुधारने के उद्देश्य से की गई हैं।

महिला कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश और सामाजिक सुरक्षा

NFIR ने महिला रेलकर्मियों के स्वास्थ्य और गरिमा को ध्यान में रखते हुए हर महीने 3 दिन के 'मासिक धर्म अवकाश' (Menstrual Leave) का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही मां बनने पर मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 240 दिन और पिता बनने पर पितृत्व अवकाश को 45 दिन करने की मांग की गई है। सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग को फिर से दोहराया गया है। साथ ही ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को 25 लाख से बढ़ाकर 75 लाख करने और ग्रुप इंश्योरेंस को 3 करोड़ रुपये तक ले जाने का प्रस्ताव रखा गया है।

24 अप्रैल की बैठक पर टिकी हैं देश भर के रेलकर्मियों की निगाहें

इन सभी प्रस्तावों और मांगों के भविष्य का फैसला आने वाले कुछ दिनों में हो सकता है। 24 अप्रैल को एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सरकार के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में NFIR द्वारा सौंपे गए प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। रेलकर्मियों के जोनल सचिव शशि मिश्रा के अनुसार, वेतन में सम्मानजनक बढ़ोतरी कर्मचारियों का हक है और यूनियन इसके लिए मंत्रालय के साथ लगातार संवाद कर रही है। अब देखना यह है कि सरकार इस भारी-भरकम प्रस्ताव पर अपनी क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या रेलकर्मियों को कोई बड़ी खुशखबरी मिलती है।