KARGIL VIJAY DIWAS ll जिस जवान ने कारगिल युद्ध में खट्टे किए थे दुश्मनों के दांत, उस शहीद को ही भूल गई हिमाचल सरकार

देशभर में आज कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को याद किया जा रहा है. हिमाचल से इस युद्ध में 52 जवान शहीद हुए थे
KARGIL VIJAY DIWAS ll  जिस जवान ने कारगिल युद्ध में खट्टे किए थे दुश्मनों के दांत, उस शहीद को ही भूल गई हिमाचल सरकार
KARGIL VIJAY DIWAS ll जिस जवान ने कारगिल युद्ध में खट्टे किए थे दुश्मनों के दांत, उस शहीद को ही भूल गई हिमाचल सरकार
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मंडी: KARGIL VIJAY DIWAS ll देश का हर नागरिक (citizen) तब तक सुरक्षित है जब तक सीमा पर खड़े हमारे वीर जवान अपने प्राणों की आहुति देकर मातृभूमि की रक्षा कर रहे हैं।भारतीय सैनिकों की वीरता और बलिदान को पूरा विश्व जानता है। आज कारगिल युद्ध  (Kargil war) में जीत की 25वीं वर्षगांठ है। आज कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay diwas)  की रजत जयंती है। ऐसे में अपने शहीदों को याद किए बिना इस जीत का जिक्र करना बेमानी लगता है। लेकिन सरकारें उन जवानों के बलिदान को भूल गई हैं जो कारगिल युद्ध में शहीद हुए लगते हैं। कारगिल युद्ध में शहीद हुए टेक चंद मस्ताना की पत्नी से सरकार (government) ने जो वादा किया था, वह आज तक पूरा नहीं किया गया। जिससे शहीद की पत्नी काफी नाराज हैं। 3 महीने तक चले कारगिल युद्ध में मंडी जिले के 11 जवानों समेत हिमाचल (Himachal) के 52 जवान शहीद हुए थे। इन वीर जवानों की शहादत के बाद तत्कालीन सरकारों ने कई घोषणाएं (announcement) की थीं।

लेकिन 25 साल बाद भी शहीदों के लिए की गई घोषणाएं पूरी न होने से परिजनों को दुख होता है। इन्हीं शहीदों में से एक हैं मंडी जिले के बल्ह के जवान टेकचंद मस्ताना। कारगिल युद्ध के नायक टेक चंद मस्ताना की पत्नी वीना देवी ने आरोप लगाया कि सरकार (government) ने उनकी शहादत के समय कई वादे किए थे। उनमें से एक वादा उनके पति टेकचंद मस्ताना के नाम पर बल्ह के कंसा चौक में एक सुंदर खेल स्टेडियम (stadium ) बनाने का भी था। लेकिन समय बीतता गया और सरकार ने यह वादा पूरा नहीं किया। इतना ही नहीं, 3 साल पहले उनके शहीद पति की गलत प्रतिभा को नेरचौक (nerchowk) के दिल में डाल दिया गया, जिसे आज तक बदला नहीं गया। ऐसे में शहीद की पत्नी को टेकचंद की मूर्ति खुद बनानी पड़ी और इसे स्थापित करने के लिए जगह भी अपने घर के आंगन में दी गई है। शहीद की पत्नी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि शहीदों का इस तरह अपमान नहीं किया जाना चाहिए।

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मंडी जिला से कारगिल युद्ध (Kargil war) में शहीद हुए 11 रणबांकुरों को श्रद्धांजलि दी गई और इन जवानों के बलिदान को याद किया गया। मंडी शहर के इंदिरा मार्केट स्थित शहीद स्मारक पर जिला प्रशासन, पूर्व सैनिकों, शहीदों के वीर जवानों और उनके परिजनों ने जवानों की कुर्बानियों को याद किया। कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर डीसी मंडी (DC mandi)  अपूर्व देवगन ने सभी शहीदों को नमन किया और उनकी कुर्बानियों को याद करते हुए कहा कि हमें ऐसे वीर जवानों पर गर्व है जिन्होंने देश और देशवासियों के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। पूर्व सैनिकों ने इस समारोह के आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।वहीं, शहीद बेटे और पति को याद कर माता-पिता (parents) और उनकी वीरांगनाओं की आंखें नम हो गईं।